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ड्यूटी ड्रॉबैक होती है शुल्क वापसी। दरअसल होता यह है कि किसी भी आयातित माल पर और निर्यात माल के विनिर्माण में इस्तेमाल बाइनरी विकल्प फोरम की गई सेवाओं पर एक शुल्क लगता है। इसी शुल्क की वापसी या इसमें छूट को ड्यूटी ड्रॉबैक के नाम से जाना जाता है। इसका प्रावधान सीमाशुल्क अधिनियम 1962 तथा सीमाशुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर ड्रॉबैक नियम, 1995 (ड्रॉबैक नियम, 1995) में किया गया है। शुल्क वापसी की दरें दो तरह की होती हैः (i) सभी उद्योगों की दरें, जिन्हें ऑल इंडस्ट्रीज रेट - एआईआर कहते हैं और (ii) ब्रांड की दरें, जिसे ब्रांड रेट कहा जाता है। एबीसी चक्र में तीन तरंगों में से प्रत्येक के मानदंड 5-लहर तरंगों के गुणों से बहुत अलग नहीं हैं। तो, क्रम में। इस बात पर विचार करें कि आप प्रत्येक वर्ष कपड़ों पर कितना खर्च करते हैं, फिर समझें कि उस राशि का कितना हिस्सा कार्यालय-उचित पहनने के लिए समर्पित है, जिसमें उन सूक्ष्म सूखे-साफ-केवल टुकड़े शामिल हैं।

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